फर्जी डिग्री के सहारे हो रहा था हॉस्पिटल का संचालन, प्रशासन ने हॉस्पिटल का आईसीयू वार्ड किया सीज

3 अगस्त 2019

दीनदयाल शास्त्री (ब्यूरो)

पीलीभीत । डॉक्टर को भगवान का दर्जा दिया जाता है लेकिन जब भगवान ही शैतान बन जाय तब इंसानियत तार-तार हो जाती है। ताजा प्रकरण स्थानीय थाना क्षेत्र के एक नामचीन हॉस्पिटल का है जहाँ डॉक्टरों ने पहले से ही मृत एक मरीज का इलाज करने का आरोप मरीज के परिजनों ने लगा हड़कम्प मचा दिया। परिजनों की शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी को जाँच सौंप दी। जाँच रिपोर्ट आने के बाद पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ये खुलासा हुआ कि मरीज की मौत इलाज शुरू होने से 12 से 24 घंटे पहले ही हो चुकी थी। बताते चलें कि जून माह में पूरनपुर तहसील क्षेत्र में गांव सिकराना के घायल युवक राजू को परिजन उपचार के लिए मुख्यालय स्थित पंडित मैंकूलाल अस्पताल में भर्ती कराया था जहाँ डॉक्टरों ने 8 जून को उसका हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया लेकिन परिजन हायर सेंटर भेजने के बजाय अपने मरीज को मृत बताते हुए हंगामा करने लगे थे और जिलाधिकारी को पूरे मामले से अवगत कराया। जिलाधिकारी ने तत्काल मृतक का पोस्टमार्टम कराने का निर्देश देते हुए सीएमओ को जाँच का आदेश जारी कर दिया। सीएमओ ने तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी। जाँच के दौरान सीएमओ डॉ0 सीमा अग्रवाल ने बताया कि हॉस्पिटल संचालक डॉक्टर फर्जी डिग्री के सहारे हॉस्पिटल का संचालन कर रहा था। आज उक्त हॉस्पिटल के आईसीयू वार्ड को सीज कर दिया गया।



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