इस मौसम में हरी पत्तेदार सब्जियों से हो सकता है इन बीमारियों का खतरा, जानें कैसे बचें इनसे

बारिश का मौसम दिल और दिमाग को सुकून से भर देता है। इन दिनों तरह-तरह के पकवानों का महत्व बढ़ जाता है। लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि इस मौसम में पत्ते वाली हरी सब्जियों के इस्तेमाल से बचना चाहिए। इनके बारे में जानकारी दे रही हैं मोनिका अग्रवाल

मॉनसून यानी हरियाली से भरा मौसम, जिसका एहसास भर ही दिल और दिमाग को सुकून से भर देता है। इस मौसम का आनन्द लेने वाले लोग सिर्फ बारिश का ही मजा नहीं लेते, बल्कि बारिश के साथ-साथ खाने-पीने का भी खूब आनन्द लेते हैं। तरह-तरह की हरी सब्जियों के पकौड़े और चाय का इस्तेमाल इन दिनों में बढ़ जाता है। अगर आप भी इस मौसम में हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करते हैं, तो सावधान हो जाएं। विशेषज्ञ बताते हैं कि इस मौसम में ये हरी पत्तेदार सब्जियां अपने साथ पेट और त्वचा की अनेक समस्याएं भी लेकर आती हैं।

वरिष्ठ आहार विशेषज्ञ डॉ. अनिका बग्गा बताती हैं- इसमें कोई संदेह नहीं कि हरी पत्तेदार सब्जियां सभी तरह के पोषक तत्वों से भरपूर और सेहत के लिए लाभदायक हैं, पर इस बरसाती मौसम में हरी सब्जियों के पत्तों में सबसे ज्यादा कीड़े पनपते हैं। दरअसल, मानसून का मौसम बैक्टीरिया की
ब्रीडिंग का मौसम है। यानी उनके पनपने का सबसे बेहतरीन समय होता है। ऐसे में ये जीवाणु बड़ी आसानी से इन हरी सब्जियों को दूषित कर इनको अपना घर बना लेते हैं। इसी वजह से कुछ सब्जियों का, विशेषकर पत्तेदार सब्जियों का सेवन इस मौसम में नुकसानदेह साबित होता है। अत: इनसे फैलने वाले संक्रमणों के कारण ही इस मौसम में सबसे ज्यादा बीमारियां फैलती हैं। इसलिए मानसून में हरी पत्तेदार सब्जियों से दूरी बनाकर आप खुद को अनेक बीमारियों से बचा सकते हैं। इनसे बचाव के लिए किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, आइए जानें-

कीड़े और बैक्टीरिया की भरमार
इस मौसम में कीड़े व बैक्टीरिया बड़ी आसानी से इन हरी पत्तेदार सब्जियों में अपना घर कर लेते हैं। ये इतने सूक्ष्म होते हैं कि हम इन्हें नंगी आंखों से देख नहीं सकते। इसलिए कोशिश करें कि इस मौसम में किसी भी हरी पत्तेदार सब्जी का सेवन ना करें। अगर आप किसी विशेष स्थिति में कोई पत्तेदार सब्जी खा रहे हैं, तो उसे पकाने से पहले कुछ बातों का ध्यान जरूर रखें। इन बातों में सबसे महत्वपूर्ण है कि उस हरी पत्तेदार सब्जी को सबसे पहले नमक वाले पानी में डाल कर उबालें। उसके बाद उबली सब्जी में से पानी निकाल दें। अब उसे सामान्य तरीके से पकाएं। पत्तागोभी, पालक, फूलगोभी, विटामिन-डी से भरपूर मशरूम, ब्रोकली, अरबी के पत्ते आदि को इसी विधि से पकाएं।

सूरज की रोशनी की कमी
इन दिनों सूरज की रोशनी अकसर कम दिखती है। इस कारण हरी पत्तेदार सब्जियों को ठीक तरह से सूरज की गर्माहट नहीं मिल पाती। इसी कारण वायरस बढ़ने लगते हैं। चिपचिपे बरसाती मौसम के कारण ये वायरस न केवल तेजी से बढ़ते हैं, बल्कि सबसे जल्दी हरी पत्तेदार सब्जियों को अपना शिकार बनाते हैं। ऐसे में इन सब्जियों के सेवन से हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है और पाचन तंत्र बिगड़ जाता है। इसके बाद त्वचा के संक्रमण, पानी के संक्रमण, खाने के संक्रमण की आशंका काफी बढ़ जाती है। ऐसे में व्यक्ति के टाइफॉएड, कोलेरा, डायरिया आदि की गिरफ्त में आने की आशंका काफी बढ़ जाती है।

गंदा पानी बनता है बड़ा कारण
इस मौसम में इन हरी पत्तेदार सब्जियों में गंदगी होने का बड़ा कारण बरसाती पानी बनता है। अधिकतर सब्जियां दलदल में या किसी नाले के आसपास उगी होती हैं। इसी कारण इनमें बैक्टीरिया या कीड़े पनपने की आशंका बहुत अधिक होती है। यह गंदगी धोने से भी साफ नहीं होती और जब इन सब्जियों का सेवन किया जाता है, तो ये बैक्टीरिया सीधे शरीर की पाचन प्रणाली पर असर करते हैं। इसलिए जरूरी है कि ऐसी सब्जियों को बनाने से पहले गर्म पानी में धोया जाए। विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि गर्म पानी से धोने के बाद भी इन सब्जियों को तेज आंच पर अच्छी तरह पकाना चाहिए।

सब्जियों में रंगों का संक्रमण
आजकल सब्जियों को आकर्षक बनाने के लिए उसकी उत्पादन प्रक्रिया में भी रंगों का इस्तेमाल किया जाने लगा है और कई बार कुछ सब्जियों में बाद में भी रंग मिलाया जाता है, ताकि वे आकर्षक दिखें और उन्हें बेचना काफी आसान हो जाए। इन सब्जियों में इस्तेमाल किए जाने वाले ये रसायन युक्त रंग शरीर के लिए बहुत नुकसानदेह होते हैं। इन सब्जियों के सेवन से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता पर काफी बुरा असर होता है। इससे कई तरह की बीमारियों की आशंका बढ़ जाती है।

मेटाबॉलिज्म भी होता है प्रभावित
यह मौसम भले ही आपको गर्मी से राहत दे, लेकिन हकीकत यह है कि इस मौसम में हर किसी का मेटाबॉलिज्म बुरी तरह प्रभावित होता है। इसलिए खाने-पीने का विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है। कोशिश करें कि इस मौसम में हेल्दी या टेस्टी खाने के नाम पर अधपका, तैलीय, अधिक मसालेदार या पालक, अरबी जैसी पत्तेदार सब्जियों के सेवन से बचें। इस मौसम में बर्गर, पिज्जा आदि के सेवन से बचें, क्योंकि इनमें पत्तेदार सब्जियों का इस्तेमाल अधिक होता है। कच्ची सलाद और स्मूदी के सेवन से भी बचें।

जरूरी बातें
– इस मौसम में हमारा मेटाबॉलिक रेट कम हो जाता है। इसलिए इन दिनों दोपहर में खाने के बाद सोने से बचें।

– हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन न करके पोषण से भरपूर अन्य विकल्पों का चयन करें। इनमें तोरी, टिंडा, लोकी, सूरन, परवल आदि को शामिल कर सकते हैं। इन्हें आप आलू, प्याज, टमाटर आदि की सहायता से स्वादिष्ट भी बना सकते हैं। लेकिन सब्जी चाहे कोई भी हो, इस मौसम में धोने में सावधानी बरतें। यानी जिन सब्जियों को गर्म पानी में उबालकर पकाने की जरूरत नहीं, उन्हें पानी से दो-तीन बार अवश्य धोएं।

– इन सब्जियों के सेवन में कुछ बातों का ध्यान रखें। इन सब्जियों को केवल अपने घर में ही सफाई का ध्यान रखते हुए बनाकर खाएं। घर के बाहर ऐसी किसी भी खाने की चीजों का सेवन न करें, जिनमें हरी पत्तेदार सब्जियों का इस्तेमाल किया गया हो।

बीमारी के लक्षण
मॉनसून में हरी पत्तेदार सब्जियां खाने से अकसर शरीर में सालमोनेला ज्ञारडीयासिस या हेलीकोबैक्टर पिलोरी जैसे बैक्टीरिया घर कर लेते हैं। ये बैक्टीरिया इस मौसम में पेट में संक्रमण की समस्या का कारण बनते हैं। इन बैक्टीरिया के अटैक से रोगी पेट फूलने, अपच, उल्टियां, दस्त और बुखार जैसी समस्याओं का शिकार हो जाता है।

(आदिवा हॉस्पिटल की वरिष्ठ आहार विशेषज्ञ डॉ. अनिका बग्गा व केजीएमयू कॉलेज की वरिष्ठ आहार विशेषज्ञ डॉ. शालिनी से की गई बातचीत पर आधारित।)

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