उन्नाव केस को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, उन्नाव रेप से जुड़े सभी केस दिल्ली ट्रांसफर

01 अगस्त 2019

उन्नाव रेप से जुड़े सभी केस को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली ट्रांसफर कर दिया है । इस मामले में गुरुवार को दो बार हुई सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने सख्ती दिखाई और मामले से संबंधित सभी 5 मामलों को लखनऊ से दिल्ली ट्रांसफर कर दिया ।

केस ट्रांसफर होने का क्या होगा असर?

किसी भी केस के ट्रांसफर होने के बाद पुराने कोर्ट और थाने से उसका संबंध पूरी तरह खत्म हो जाता है. उन्नाव रेप कांड और सड़क हादसा मामले में भी ऐसा ही हुआ है । अब इस मामले की सुनवाई दिल्ली के किसी कोर्ट में होगी । दिल्ली कोर्ट में होने वाली सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट की निगरानी की जाएगी.

सेंगर को दिल्ली किया जा सकता है शिफ्ट!

इसके अलावा मामले के सभी गवाहों को भी दिल्ली की अदालत में पेश होना पड़ेगा । अदालत आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को भी दिल्ली के किसी जेल में ट्रांसफर कर सकती है । क्योंकि सेंगर को बार-बार अदालत में पेश होना पड़ेगा ।

मामले के ट्रांसफर हो जाने के बाद स्थानीय प्रशासन इस मामले में किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं कर पाएगा । साथ ही यूपी की कोर्ट और यूपी पुलिस भी इस मामले में किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं कर पाएगी। जानकारी के मुताबिक अगर यह मामला सीबीआई को सौंपा गया है तो इसकी सुनवाई दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में हो सकती है ।

उधर, बीजेपी ने विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को पार्टी से बाहर निकाल दिया है। मालूम हो कि पार्टी सेंगर को पहले ही निलंबित कर चुकी थी। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई ने पीडि़ता की हालत पूछी।

उन्नाव कांड पर 10 प्वॉइंट्स में जानिए सुप्रीम कोर्ट से लेकर सेंगर को पार्टी से निकाले जाने तक आज क्या क्या हुआ –

1- सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने पूरे मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि इससे जुड़े सभी केस की सुनवाई एक ही जज करेगा। उन्होंने कहा कि पूरे मामले का ट्रायल 45 दिन में पूरा किया जाए। इसके साथ ही, सभी केस को दिल्ली ट्रांसफर करने का आदेश दिया।

2- शीर्ष अदालत ने सीबीआई की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की यह याचिका खारिज कर दी कि मामले की सुनवाई शुक्रवार सुबह साढ़े 10 बजे तक के लिए स्थगित की जाए क्योंकि उन्नाव मामलों की जांच कर रहे अधिकारी दिल्ली से बाहर हैं।

3- चीफ जस्टिस रंजन गोगाई ने इस मामले में सॉलिसिटर जनरल से पूछा था कि जांच करने में कितना समय लगेगा तो उन्होंने एक महीने का समय मांगा था। इस पर सीजेआई ने सॉलिसिटर जनरल से एक महीने में नहीं सात दिन में मामले की जांच पूरी करने को कहा।

4- उन्नाव मामला में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बलात्कार, दुर्घटना मामलों की जांच की स्थिति से न्यायालय को अवगत कराया।

5- सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि उन्नाव पीड़िता के पिता के खिलाफ शस्त्र कानून से संबंधित दूसरा मामला फर्जी पाया गया है।

6- सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि पहला मामला उन्नाव में लड़की से बलात्कार का है, आरोपपत्र दायर किया गया है और विधायक तथा अन्य जेल में हैं।

7- SC में सुनवाई के दौरान CJI ने सॉलिसिटर जनरल से पूछा, पीड़िता की हालत कैसी है? सॉलिसिटर जनरल ने जवाब दिया, ‘वह अभी वेंटिलेटर पर हैं’। इसके बाद CJI ने पूछा कि क्या अभी उन्हें शिफ्ट किया जा सकता है?

8- बीजेपी ने उत्तर प्रदेश के उन्नाव से विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को पार्टी से निकाल दिया है। आपको बता दें कि कुलदीप सेंगर उन्नाव रेप केस में आरोपी है और इस वक्त जेल में बंद है। सीबीआई ने हाल ही में उनके खिलाफ उन्नाव रेप के पीड़िता के हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया है।

9- उन्नाव बलात्कार पीड़िता के सड़क हादसे में गम्भीर रूप से घायल होने की पृष्ठभूमि में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार में राज्य की हर लड़की के मन में यही सवाल है कि अपराधियों के खिलाफ बोलने पर उसकी आवाज सुनी जाएगी या नहीं।

10- न्यायालय ने बलात्कार पीड़िता द्वारा सीजेआई को लिखे पत्र परसंज्ञान लिया था और अपने सेक्रेटरी जनरल से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी कि इस पत्र को 17 जुलाई से अब तक उनके संज्ञान में क्यों नहीं लाया गया।


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