डोपिंग मामले में बुरे फंसे पृथ्वी साव, 8 महीने के लिए सस्पेंड

30 जुलाई 2019

युवा क्रिकेटर पृथ्वी साव को डोपिंग का दोषी पाया गया है। उन्हें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने मंगलवार को 8 महीने के लिए सस्पेंड कर दिया है। वह 15 नवंबर, 2019 तक क्रिकेट से दूर रहेंगे।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की ओर से दी गई जानकारी में यह कहा गया है कि शॉ ने अनजाने में एक प्रतिबंधित पदार्थ का सेवन कर लिया था, जो आमतौर पर खांसी की दवाई (सीरप) में पाया जाता है।

बीसीसीआई ने कहा, “पृथ्वी शॉ ने इंदौर में 22 फरवरी 2019 को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी मैच के दौरान बीसीसीआई के डोपिंग रोधी परीक्षण कार्यक्रम के दौरान यूरीन सैंपल दिया था। उनके नमूने में ‘टर्ब्यूटलाइन’ पदार्थ की मात्रा पाई गई है। यह पदार्थ विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) की प्रतिबंधित दवाओं की सूची में शामिल है।”

16 जुलाई को पृथ्वी शॉ पर बीसीसीआई के डोपिंग रोधी नियम अनुच्छेध 2.1 के तहत डोपिंग रोधी नियम उल्लंघन (एडीआरवी) कमिशन का आरोप लगाया गया और अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया। इस मामले में पृथ्वी शॉ ने आरोप को स्वीकार किया है, लेकिन उनका कहना है कि यह उन्होंने अनजाने में किया था। उन्हें उनके चिकित्सक ने एक दवा के सेवन के लिए कहा था, जिसमें यह प्रतिबंधित पदार्थ शामिल था।

बयान में कहा गया है, ‘बीसीसीआई एडीआर के अनुच्छेद 10.10.3 के मुताबिक साव 16 जुलाई को लगाए गए अस्थाई निलंबन को पूरा करेंगे। इसके अलावा चूंकि साव ने अपनी गलती मानी है, ऐसे में बीसीसीआई एडीआर के अनुच्छेद 10.10.2 के मुताबिक यह प्रावधान है कि उनके निलंबन का समय तब से गिना जाए जब उन्होंने सैम्पल (22 फरवरी 2019) दिया था।’ बयान के मुताबिक, ‘हालांकि बीसीसीआई एडीआर के अनुच्छेद 10.10.2 के मुताबिक साव को उनके ऊपर लगे निलंबन का आधा हिस्सा गुजारना होगा, इसलिए उनका 8 महीने का निलंबन 16 मार्च 2019 से शुरू होगा जो 15 नवंबर 2019 की रात में खत्म होगा।’


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