बेटियाँ समाज को सही दिशा देने में सक्षम : डीएम

11 जुलाई 2019

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । “बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओं, सुरक्षित बेटियां-सशक्त समाज” यकीनन जिस समाज की बेटी, बहन, बहू, मॉ का सम्मान हुआ, वह समाज लगातार तरक्की की तरफ बढ़ता रहा। हिन्दू समाज के साथ ही सभी समाजों में नारी सम्मान की बातें प्रमुखता के साथ धार्मिक ग्रन्थों में उल्लिखित हैं। जरूरत है इसे मूर्त रूप देकर महिला जागरूकता की। एक पुरूष के सशक्त होने से एक व्यक्ति सशक्त होता है, एक बेटी या महिला को सशक्त होने से पूरा एक परिवार मजबूत होता है। हकीकत में बेटियों को सिर्फ जागरूक करने की जरूरत है, बेटियां जागरूक होते ही स्वयं के साथ ही समाज को नई दिशा देने के लिए सक्षम हैं। उक्त बातें जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने “महिला सुरक्षा जागरूकता जुलाई अभियान-कवच अभियान” के जन जागरूकता सम्बन्धी जिला स्तरीय कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहीं। जिलाधिकारी ने कहा कि बेटियां पूरी आत्मविश्वास के साथ शिक्षा के साथ ही सभी क्षेत्रों में अपना कदम आगे बढ़ाते हुए खुद की तरक्की के साथ जिला, प्रदेश व देश का विकास करें। उन्होंने कहा कि तमाम कोशिशों के बावजूद अभी भी बेटी/महिला सुरक्षा की जरूरत बनी हुई है। उन्होंने कहा कि बेटी/महिलाएं जहॉ कहीं भी अपने को असहज/असुरक्षित महसूस करें, तो वे तत्काल 181- महिला हेल्प लाईन, 1098- चाईल्ड हेल्फ लाईन, 1090-महिला पावर हेल्प लाईन, 100- पुलिस सहायता से मदद लें। उन्होंने कहा कि वन स्टाफ सेन्टर, उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष, पाकसो अधिनियम, कन्या भ्रूण हत्या निवारण, अधिनियम, किशोर न्याय का भी समय-समय पर अपने पक्ष में मदद लें। उन्होंने कहा कि इमरजेंन्सी नम्बर-112 (पैनिक बटन सुविधा) का भी इस्तेमाल बेटियां करें। उन्होंने महिला सुरक्षा पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि कन्या सुमंगल योजना के तहत 01 अप्रैल के बाद से पैदा होने वाली बच्चियों का आवेदन-पत्र जिला प्रोबेशन कार्यालय में जमा कराकर बेटियों के 18 साल की उम्र तक की पढ़ाई आदि के खर्च सरकार से प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि स्कूलों में शिकायत पेटिका भी रखी जाय और बेटियों को जागरूक भी किया जाय। बच्चियां अपनी चुप्पी तोड़े और कहीं भी असहज होने पर टोल फ्री नम्बर 100/1090/1098/181 पर सीधी शिकायत दर्ज करायें। उन्होंने कहा कि जिले के महत्वपूर्ण स्थानांं जैसे- बस अड्डों, चौराहों, महिला कालेजों, कन्या स्कूलों के साथ ही अन्य सभी स्कूलों पर टोल फ्री नम्बर की वाल राइटिंग करायी जाय और जरूरत पड़ने पर रेस्क्यू भी कराया जाय। उन्होंने कहा कि बड़ी परियोजनाओं में जहाँ महिलाएं भी काम करती हैं, वहां निर्माण एजेन्सी और ठेकेदारों के माध्यम से भी महिला जागरूकता पर बल दिया जाय। उन्होंने शिक्षा पर बल देते हुए कहा कि बाल विवाह पर कड़ी निगाह रखी जाय और किसी भी हाल में बाल विवाह न होने पायें। जिलाधिकारी के अलावा कार्यशाला को अपर जिलाधिकारी योगेन्द्र बहादुर सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक ओ0पी0 सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 एस0पी0 सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक फूलचन्द यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ0 गोरखनाथ पटेल, जिला समाज कल्याण अधिकारी के0के0 तिवारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी अमरेन्द्र कोत्सायन, समाज सेवी विष्णु तिवारी, महिला सशक्तीकरण से जुड़े पदाधिकारीगण, पुलिस विभाग के अधिकारीगण सहित अन्य सम्बन्धितगण मौजूद रहें। कार्यशाला में महिला जागरूकता और उनके पदत्त अधिकारों पर विस्तार से जानकारी दी गयी।


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