अनूठी पहल : बोरवेल रिचार्ज थ्रू वाटर हार्वेस्टिंग यूनिट के माध्यम से होगा वर्षा जल संचयन

07 जुलाई 2019

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

– जिलाधिकारी की अनूठी पहल से होगा वर्षा जल संचयन

– बाम्बे की इको सलूलेशन व सेकलन ट्रस्टी कर रही है सहयोग

– सूखे बोरवेल में “बोरवेल रिचार्ज थ्रू वाटर हारवेस्टिंग यूनिट” स्थापित कराकर प्रत्येक बोरवेल में लाखों लीटर पानी से होगा बोरवेल के साथ होगा आस-पास के क्षेत्र का वाटर रिचार्ज

सोनभद्र । “ जल है तो कल है ”, बावजूद इसके जल बेवजह बर्बाद किया जाता है। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि जल-संकट का समाधान जल के संरक्षण से ही है। हम हमेशा से सुनते आये हैं “जल ही जीवन है”। जल के बिना सुनहरे कल की कल्पना नहीं की जा सकती, जीवन के सभी कार्यों का निष्पादन करने के लिये जल की आवश्यकता होती है। पृथ्वी पर उपलब्ध एक बहुमुल्य संसाधन है जल, या यूं कहें कि यही सभी सजीवों के जीने का आधार है जल। धरती का लगभग तीन चौथाई भाग जल से घिरा हुआ है, किन्तु इसमें से 97% पानी खारा है जो पीने योग्य नहीं है, पीने योग्य पानी की मात्रा सिर्फ 3% है। इसमें भी 2% पानी ग्लेशियर एवं बर्फ के रूप में है। इस प्रकार सही मायने में मात्र 1% पानी ही मानव के उपयोग हेतु उपलब्ध है। नगरीकरण और औद्योगिकीरण की तीव्र गति व बढ़ता प्रदूषण तथा जनसंख्या में लगातार वृद्धि के साथ प्रत्येक व्यक्ति के लिए पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती है। जैसे जैसे गर्मी बढ़ रही है देश के कई हिस्सों में पानी की समस्या विकराल रूप धारण कर रही है। प्रतिवर्ष यह समस्या पहले के मुकाबले और बढ़ती जाती है, लेकिन हम हमेशा यही सोचते हैं बस जैसे तैसे गर्मी का सीजन निकाल जाये बारिश आते ही पानी की समस्या दूर हो जायेगी और यह सोचकर जल सरंक्षण के प्रति बेरुखी अपनाये रहते हैं। वहीं वर्षा जल संचयन के लिए जनपद के जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल के इस अनूठे कदम की चहुँ ओर प्रशंसा हो रही है। जिलाधिकारी ने पूरी तरह सूख चुके बोरवेलों को एक वैज्ञानिक तरीके से वर्षा जल के माध्यम से रिचार्ज करवाने की अनोखी लेकिन सफल तरीका अपनाया है। जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने आज अपने घोरावल भ्रमण के दौरान नगर पंचायत घोरावल के लिए पेयजल आपूर्ति संयंत्र के पास पहले से की गयी बोरिंग जो सूख जाने के कारण पूरी तरह से बेकार पड़ी हुई थी। खुद की पहल से राष्ट्रीय स्तर पर जल संचयन के क्षेत्र में काम करने वाली मुम्बई की इको सलूशन व सेकलन ट्रस्टी के तकनीकी विशेषज्ञों के द्वारा दोनों बेकार पड़ी बोरिंगों में “बोरवेल रिचार्ज थ्रू वाटर हारवेस्टिंग यूनिट” की स्थापना शुरू कराकर जिला ही नहीं प्रदेश व देश में जल संचयन के अभिनव प्रयोग की आधारशिला रखी। मौके पर मौजूद इको सलूशन के यपेन्द्र अग्रवाल और सेकलन ट्रस्टी के सिकन्दर ने बताया कि जिलाधिकारी के अभिनव व रचनात्मक पहल से बोरिंगों के निकट काफी कम खर्चें में सूखे हुए बोरवेल में “बोरवेल रिचार्ज थ्रू वाटर हारवेस्टिंग यूनिट” को स्थापित करके बरसात का अधिकाधिक पानी संचित किया जायेगा, जिससे एक तरफ बरसात का जो पानी बह जाता था और दूसरी वाटर लेयर पर प्रतिकूल प्रभाव डालता था, दोनों कार्यों में सुधार होगा। जहॉ एक ओर लाखों लीटर पानी बोरवेल में संचित होने से सूखी हुई बोरिंग जिन्दा हो जायेगी, वहीं दूसरी ओर सूखी हुई बोरिंग का ड्राई एरिया पानीयुक्त हो जायेगा, जिससे रिचार्जिंग सिस्टम मजबूत होगा और पूरे साल पानी की कमी नहीं हो पायेगी। “बोरवेल रिचार्ज थ्रू वाटर हारवेस्टिंग यूनिट” के स्थापना सम्बन्धी अभिनव प्रयोग के शुभारंभ के मौके पर जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल के अलावा उप जिलाधिकारी घोरावल वी0पी0 तिवारी, जिला विकास अधिकारी रामबाबू त्रिपाठी, अधिशासी अभियन्ता जल निगम फणीन्द्र राय, डीपीआरओ आर0के0 भारती, चेयरमैन घोरावल राजेश कुमार, खण्ड विकास अधिकारी घोरावल सहित अन्य अधिकारीगण तथा क्षेत्रीय नागरिकगण मौजूद रहें।


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