अपडेट : डायट कार्यालय पर प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं का प्रदर्शन, नम्बर देने के लिए पैसे मांगने का लगाया आरोप

05 जुलाई 2019

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

– स्कूल ज्वॉइनिंग से पहले छात्रों को डायट ने पढ़ाया कमीशन का पाठ

– प्राचार्य पर लगा गम्भीर आरोप

– प्राचार्य ने कहा, दबाव बनाने के लिए लगाया जा रहा आरोप

– पुलिस के पहुंचने पर मामला हुआ शांत- छात्रों की मांग, प्राचार्य का हो स्थानांतरण

सोनभद्र । योगी सरकार भले ही भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश बनाने की सोच रहे हों मगर जिनके भरोसे वे यह सपना देख रहे हैं वे कैसे खुद भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं इसका ताजा उदाहरण आज सोनभद्र में देखने को मिला । जहां डाइट प्राचार्य कार्यालय के बाहर प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं ने हंगामा शुरू कर दिया । छात्रों ने प्राचार्य पर कई गंभीर आरोप लगाए । छात्रों का आरोप है कि डायट कार्यालय में खुलेआम भ्रष्टाचार चल रहा है और उन लोगों से प्रैक्टिकल में अच्छे नंबर पाने के लिए पैसों की डिमांड की जा रही है । इतना ही नहीं छात्रों का आरोप है कि पैसे ना देने पर उनके नंबर कम दिए जाने की धमकी भी दी जाती है। छात्र-छात्राओं ने कार्यालय के बाहर प्राचार्य मुर्दाबाद और हाय-हाय के नारे भी लगाए ।

छात्राओं का कहना है कि यह उनके साथ पहली घटना नहीं है। इसके पहले भी उनसे पैसे की डिमांड की गई थी लेकिन जब उन लोगों ने पैसे नहीं दिए तो उनके नंबर काफी कम कर दिए गए। पासिंग मार्क से महज कुछ नंबर ज्यादे देकर उनके कैरियर पर बट्टा लगा दिया। छात्रों का कहना है कि प्राइवेट स्कूलों में पैसे लेकर 100 में 98-99 नंबर तक दिए जा रहे हैं जबकि वहां छात्र-छात्राएं रेगुलर क्लासेस भी नहीं करते, बावजूद इसके पैसे लेकर उनके नंबर अच्छे दिए जा रहे हैं । उनका कहना है कि यदि इसी प्रकार चलता रहा तो उनका पूरा कैरियर बर्बाद हो जाएगा और इसके लिए वह अब चुप बैठने वाले नहीं हैं। छात्रों की मांग है कि इस पूरे खेल के पीछे प्राचार्य शामिल है और उनका तत्काल यहां से स्थानांतरण कर देना चाहिए ताकि छात्रों का भविष्य बचा रहे।

सूचना पाकर मौके पर पहुँची स्थानीय पुलिस ने भी छात्रों को मनाने का काफी प्रयास किया लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे, काफी मान-मनौवल के बाद भी छात्र नहीं माने तो पुलिस बैरंग ही वापस लौट गई।

वहीं डायट प्राचार्य राजेन्द्र प्रताप ने छात्रों के आरोप को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि यह सब नंबर देने के लिए दबाव बनाया जा रहा है किसी से पैसे की कोई माँग नहीं की गई है।

योगी सरकार स्कूल की दशा सुधारने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं मगर जिस तरीके से स्कूल में जॉइनिंग से पहले प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं को भ्रष्टाचार का पाठ पढ़ाया जा रहा है ऐसे में स्कूल में पहुंचने के बाद ये प्रशिक्षु छात्र-छात्राएं भ्रष्टाचार मिटाने में कितना योगदान दे पाते हैं ।


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